दिन में नींद क्यों आती है? दोपहर में नींद क्यों आती है? Din me nind Ane ka karan)

   हेलो दोस्तो आप सब केसे है आज की इस पोस्ट में हम बात करने वाले है की हम दिन में नींद क्यों आते है और शरीर में आलस क्यों आते है ।।

इस पोस्ट को अंत जरूर पढ़े 

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दिन में नींद क्यों आती ? दोपहर में नींद क्यों आती है? Din me nind Ane ka karan) 




अगर आपको भी दिन आलास एते रहता अगर आप  भी  हर काम को डालते रहते हो। हर वक्त शरीर में एनर्जी आती है। हर वक्त ऐसा लगता है कि अंदर से अंदर से पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। अगर ऐसा है तो यह पोस्ट  आपके लिए इम्पोटें है



  देखो थोड़ा बहुत आलस तो सब को आता है  ए तो कोई बड़ी बात नहीं होती है। देखो वो एक नचरौल प्रोसेस होता है जिसमे खाना खाने के बाद दोपहर के 2:00 बजे हमें सबसे ज्यादा आलस आते हैं। क्युकी  खाना खाने के बाद हमारा जो बल्ड होता है यो थोडा गाढ़ा हो जाता है।



उसकी वजह से हमे नींद आती है और उसके वजह से हमे थकान आते है  बहुत ज्यादा आते हैं और वो एक नेचुरल प्रोसेस है यो कोई आलस नही है ।  उसकी तरह दोपहर के 2:00 बजे में सबसे ज्यादा आलस आते हैं और वह भी एक नेचुरल प्रोसेस होती है तो इसके लिए मैंने इस पोस्ट नहीं  लिखे है। लेकिन अगर हर वक्त  नींद आती है।


हार वक्त आलस आता है किसी भी काम को करने में मन ही नहीं लगता तो यह पोस्ट आपके लिए जो हमारे आलस के पीछे कुछ कारण होते हैं और उन्हीं कारण  के बारे में आज हम बात करेंगे और उसी के साथ सोलियोसन पर भी बात करेंगे

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lack of sleep नींद की कमी

  जिसकी वजह से हमे सबसे ज्यादा आलस आता है यो है  lock of sleep नींद की कमी  आप में से कई लोगों के मन में ए भरम होगा कि ज्यादा सोने वाले लोग आलसी होते हैं। लेकिन अलसी अक्चोवल में अलसी  यो लोग  होते है जो काम सोते हैं।

Science ki कहना माने तो 

  इंसान को कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद जरूर  लेना चाहिए। अदर वाइज आप सिर्फ अपने 1 .2 घंटे  बचाने के लिए 1,2 घंटे नींद  कम लेते हैं तो हो सकता है कि यहीं एक-दो घंटे आपके दिन के 8 10 घंटे को बरबाद कर दे  

 आप में से जिन  भी लोगों को दिन भर नींद आती रहती है। उसका सिर्फ एक ही कारण है कि रात में आपने सही से नींद नहीं लिए तो अगर आप काम निंद  लेते हैं तो आप  प्रॉपर 7.8  घंटे की नींद ले और उसके बाद आप देखेंगे कि आप को दिन में नींद आना काफी हद तक कम हो जाएगा। 

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( Lack of physical activity)
शारीरिक गतिविधि की कमी


 यहां पर आता है lack of physical activity फिजिकल एक्टिविटी या फिर दूसरे शब्दों में कहें तो   1. 2 घंटे तक एक ही जगह पर पड़े रहना ए चीज  तो आप सब ने भी एक्सपीरियंस जरूर किए होगी। जब आप घंटो तक  एक ही जगह पर बैठकर फोन चलाते हो या फिर टीवी देख ते हो  या फिर कुछ भी वह काम करते हो जिसकी वजह से आपको बैठे रहना पड़ता है।



उस वक्त आपकी बॉडी पूरी तरह स्टोक हो जाती है ब्लड सोलोसान  स्लो हो जाता है  उसके बाद अगर आप कोशिश करोगे। पढ़ने बैठने या फिर कुछ भी करने की तो आपका माइंड और आपकी बॉडी साथ ही नहीं देगी आपका और आपका किसी भी काम को करने का मन ही नहीं करेगा और उस वक्त आपको रिलआईज होगा कि मुझे तो आलस  आ रहे हैं।


मैं एक असली इंसान हूं यहां पर इसका  एक सिंपल  सा सॉल्यूशन है  सुबह उठकर 15 मिनट के लिए एक्सरसाइज जरूर करें और इसका सर आपको पहले दिन से ही दिखना शुरू हो जाएगा और पूरी तरह तो नहीं लेकिन काफी हद तक आलस आपको आना  बंद हो जाएगा।



पूरे दिन एनर्जेटिक और एक्टिव फील करोगे और यहां पर में एक और सॉल्यूशन  देना चाहूंगा कि काम के बीच में आ  पढ़ाई के बीच में 10 से 15 मिनट के लिए वॉक पर कहीं चले जाएंगे और आप देखेंगे कि सिर्फ 15 मिनट कि  वॉक आने वाले 2 से 3 घंटे लिए आप को चार्ज कर देंगे और बल्कि मैं



तो यह कहूंगा कि फालतू?काम करने के लिए एक जगह पर बैठकर अपनी बॉडी और अपने माइंड की धज्जिया  ना ही उड़ाई तो ही अच्छा है और अगर आप एक ही जगह पर बैठकर काम करते हो। जैसे कि मैंने बताया कि सुबह उठकर 15 मिनट के लिए एक्सरसाइज जरूर करें और काम की।बीच में 10 मिनट के लिए वॉक पे  चले जाएं।


3 ( heavy diet।)




जेसे की इस पोस्ट को। स्टार्टिंग में कहा था कि हर इंसान को थोड़ा बहुत आलस  तो आता ही है खाना खाने के बाद में और एक दोपहर के  वक्त लेकिन खाना खाने के बाद में कितना आलस आयेगा  कि  ए इस बात पर डिपेंड करता है कि आपने कितना खाना खाया है और जो भी खाना अपने खाया है यो खाना कितना हैवी है।

 और अगर बहुत जायदा  तेल की और मैदा वाला खाना आपने खा लिया तो तीन से चार घंटों के लिए तो आप भूल ही जाओ कि आपके अंदर एनर्जी आईgi हल्का खाना खाओ और खाना खाने के बाद में बाई ओर करवट लेकर 45 मिनट के लिए सो जाएं।



आप में से कई सारे लोग यह सोच रहा होगें कि खाना खाने के बाद सोना कितना बुरा होता है शरीर के लिए और मैं आप को कह रहा हूं कि खाने के तुरंत बाद आप सो जाएं। खाना खाने के तुरंत बाद सोना बुरा होता है मेने मना  लेकिन रात के वक्त लेकिन दिन के वक्त खाना खाने के बाद पाई और करवट लेकर सोना शरीर के लिए बहुत अच्छा होता है।



वैसा मैं नहीं कह रहा हूं। यह  बात  कहा गए हैं। राजीव दीक्षित जी जापान में एग्रीमेंट किया गया। जिसने कुछ इंप्लाय  को खाना खाने के तुरंत बाद कुछ काम दिया गया और कुछ एंब्रोस को खाना खाने के तुरंत बाद 45 मिनट के लिए बाईं  और करवट लेकर सोने को कहा गया और इस एग्रीमेंट के बाद जो रिजल्ट निकला वह कमाल का था।



जिन इंप्लाय खाना खाने के बाद रेस्ट दिया गया। उनकी प्रोडक्टिविटी क्रिएटिविटी और एनर्जी का काफी  लेवल तक हाई था। एस कॉम्प्टू employee जीने खाना खाने के बाद तुरंत कम करने को कहा गया था । वैसे भी खाना खाने के तुरंत बाद ब्लड गाढ़ा हो जाता है 


और हमारी गोडियांस  हमसे रेस्ट मांगती है क्योंकि हमारी बॉडी को सच में रेस्ट  की जरूरत होती है तो हमें हमारी बॉडी को दे देना चाहिए जिसकी उसे जरूरत है तभी हमारी बॉडी और माइंड  हमारा साथ देगा तो खाना खाने के बाद अगर आपको बहुत ज्यादा आलस आते है 

तो बाई  और करबट कर के  40 मिनट के लिए सो जाएं लेकिन याद रहेगी 45 मिनट ज्यादा ना सोए वरना प्रॉब्लम भी हो सकती है।



4  lack of interest? रुचि में कमी 

अगर आप किसी भी काम को टाल रहे हो यानी आप  उस काम को सच में नहीं करना चाहते हो । अगर आप किसी भी काम को करना चाहते हो।तो उस काम को talo ge नही


जब भी आप यो  काम करते हो जो आप नहीं करना चाहते तो आप से टालते हो तो आप उस काम को कर ही क्यों रहे हो। जिस काम को अप नहीं करना चाहते हैं।

 वही काम करना जिसमे  आपको  इंटरेस्ट है 

ना तो उस काम में आलस का मैं आपको और करने में भी मजा आएगा और ना ही आप उस काम को टालोगे तो कोशिश करो। जिंदगी में ऐसा काम करने की जिसमें सच में आपको इंटरेस्ट हो। जिसमे  आपको मजा आए वरना जिंदगी भर सारे तोड़ तरीके अजमा  के आलस  दूर करने के कुछ भी नहीं होगा। तब तक जब तक आप वो काम नहीं करोगे जिसमें आपका इंटरेस्ट है 


5  creat an emergency


जब जब कोई भी काम अर्जेंट होता है या फिर हमारे अंदर इमरजेंसी वाली फीलिंग होती है। उस वक्त काम चाहे कितना भी मुस्किल क्यों न हो आप उस काम को कर ही देते है ।


creat an emergency



एक लो है जिसका नाम है parkissons law 



ए नियम ए कहता है की काम को  कोई भी इंसान उतने ही टाइम में करता है। जितना टाइम उसे  मिला है यानी अगर किसी काम को करने के लिए इंसान को एक महीना दिया गया है तो वह इंसान उस काम को 1 महीने में ही खत्म करेगा। भले ही वह कम 10 से 15 दिनों में भी खत्म हो सकता है। 


अगर आप एक स्टूडेंट हो तो इस चीज को बहुत ही अच्छे से रिलेट  कर सकते हो। हमें हरसाल पता होता है की  फरवरी-मार्च में हमारे परीक्षा है  परीक्षा में बहुत टाइम होता है, लेकिन  असली हमेशा जनवरी के महीने में ही स्टार्ट होती है।


आपको यह देखना है कि जो भी काम आपके पास में है अब उस काम को कम से कम टाइम में कैसे फिनिश कर सकते हो क्योंकि किसी को नहीं पता कि हमारे पास में कितना टाइम है। कई लोगों को यह लगता है कि मेरे पास  बहुत  टाइम है इंसान की सबसे बड़ी गलती है। यह सोचा कि उसके पास में टाइम है। इसलिए जो भी काम है उससे पहले ही कर दो

 लास्ट बट नॉट लीस्ट हमारी है। 

6 keep wasting time on useless things व्यर्थ की बातों में समय बर्बाद न करें

हम अपनी एनर्जी को फालतू के कामों में लगा देते। 

और फिर मेन वर्क करने के लिए हमारे पास में एजेंसी ही नहीं बचती 

यो चाहते inon mechk हो यो chep beses हो चाहे यो आप ही क्यों ना हो सबके पास amaunt  of एनर्जी सब के पास सेम है 

कोन उस एनर्जी को कहां पर लगाते हैं यह चीज मीटर करती है । अप दिन भर फोन चलाते हो तो उनमें भी आपके एनर्जी वेस्ट होते हैं आप कुछ भी काम करो आपकी एनर्जी बेस्ट होगा जिस तरह हमें फोन में डेढ़ जीबी डाटा मिलता है



और अगर उस dedh GB  को हम दिन में ही खत्म कर दें और कोशिश करो से रात में यूज करने की तो आप सब को बताएं कि उसकी स्पीड क्या होगी और उसी तरह हम पहले फालतू के कामों में अपनी एनर्जी को वेस्ट  कर देते हैं और जब शरीर में एनर्जी नहीं बचती है 



तब हम  कुछ काम करने बैठते हैं और उसके बाद में हमें आलस आने लगते हैं। इसीलिए अपने एलर्जी का सही से यूज करें। उससे फालतू के कामों में वेस्ट  ना होने दे  आज की इस पोस्ट को अहि पे अंत करते करते है ।



दोस्तो अगर आपलोग को पोस्ट में दिए हुवे जानकारी अच्छे लगा हो तो आप अपने दोस्तो के पास जरूर भेज 


धन्यवद ।।ll


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