हेलो दोस्तो आप सब केसे है। आज की इस पोस्ट में हम बात करने वाले है की ।एड्स कैसे होता है जानकारी एड्स कैसे होता है और क्यों होता है।तो आप इस पोस्ट को अंत जरूर पढ़े ताकी आपको एड्स के बारे में पुरी जानकारी मिल सके ।।
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एड्स कैसे होता है जानकारी?एड्स कैसे होता है और क्यों होता है ?aids kaise hota ha
Acquired immunodeficiency syndrome आनी की aids
एक ऐसी बीमारी जिसके आज तक कोई वैक्सीन नहीं बनाई गई है और ना ही इसका कोई इलाज संभव है
पिछले साल आने की सन 2020 में इस बीमारी की वजह से 37 millon लोग संक्रमित हुए थे और 680000 लोगों की जान चली गई थी। 1980 से लेकर अब तक इस बीमारी की वजह से करीब 36 million लोग मारे जा चुके हैं
आप समझ सकते हैं कि कितनी खतरनाक बीमारी होगी सबसे बड़ी बात है कि बीमारी किसी को भी हो सकती है ।
आज की इस आर्टिकल में हम बताएंगे एड्स का इलाज कहां तक पहुंचा है कभी एड्स से मानव जाति को छुटकारा मिल पाएगा आइए जानते हैं।
दुनिया भर में कई लोगों के मन में इस तरह का एक मिस कंसल है की एड्स सिर्फ और सिर्फ और सुरक्षित शारीरिक संबंध बनाने होता है । लेकिन सही मायने में देखा जाए एसे बहुत से कारण है जिनके वजह से एड्स के वायरस किसी भी शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।
अकीन मानिए अगर एक बार hib का वायरस आपके शरीर में पहुंच गया तो फिर इसका इलाज मुमकिन नहीं है HIB का वायरस शरीर में पहुंचने के बाद आपके शरीर को unsistem को पूरी तरह बर्बाद कर देता है
इस बात को तो आप जानते ही हैं जब कभी भी हमारे शरीर में कोई बीमारी जालम लेती है तो उसे खत्म करने का काम हमारे शरीर में मौजूद wight blood sells करते हैं। लेकिन जब Hib का वायरस शरीर के अंदर पहुंच जाता है तो आपके शरीर के wight blood sells मोहजुद t sels को पूरी तरह खत्म कर देता है
असल में t sels वही होते है जो आपके शरीर में मौजूद किसी भी बीमारी से लड़ने में आपकी मदद करते है।लेकिन hib का वायरस इसे हमेशा के लिए इसे समाप्त कर देता है ।
अब इससे होता है ए की जब व्यक्ति hib संक्रमित हो जाता है तब उसका शरीर किसी भी बीमारी से लड़ने से लड़ नहीं पता । चाहे वह मामूली से मामूली सर्दी जुखाम क्यों ना हो उस पर किसी भी तरह की दवाएं का कोई असर नहीं होता क्योंकि बीमारियों से लड़ने में दवाइयां सिर्फ आपके wight blood sells मोहजुद t sels को और मजबूत करती है।
ताकि शरीर का naical mecilaijam t sels बीमारियों से लड़ सके । लेकिन जब आपके शरीर में t sels मोहजूद ही नही होगें तो आप ही बताइए आखिर यह दवाइयां काम कैसे करेगें
हाला की अब तक तो इस बीमारी का कोई ईलाज नही है और ना हि आप किसी का सिर्फ चेहरा देख कर बता सकते है की कौन व्यक्ति hib संक्रमित है और कौन व्यक्ति नहीं है लेकिन कुछ सुरक्षा के इंतजाम करके आप hib जेसे खतरनाक वायरस से बच सकते हैं।
HIB को फेलने का सबसे मुख्य कारण होता है ए सुरक्षित और यौन संबंध sex life शारीरिक संबंध और आप ऐसे किसी व्यक्ति की साथ शारीरिक संबंध बनाते हैं जिसे आप जानते नहीं हैं तो हो सकता है कि आप hib से संक्रमित हो जाए क्युकी आप नहीं जानते हैं की अगला व्यक्ति hib से संक्रमित है या नहीं।
दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जो ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ या सुरक्षित शारीरिक संबंध बनाते है इसके वजह से hib se संक्रमित हो जाते हैं।
और इसके बाद आप उसके साथ शारीरिक संबंध बनाएं तो उनके शरीर में मौजूद hib वायरस आपके शरीर में बड़ी आसानी से बहुत तेजी से पहुंच जाते हैं।
इसकी वजह आपको बता दे कि इस बीमारी जायदा तर सेमलेंकी लोगो में जायदा देखी जाती है
और आप इस बात का भी ध्यान रखिए कि hib का बीमारी आपको सलून में भी हो सकते हैं सही सुना आपने सेलून से भी।
अगर आप किसी ऐसे सेलून में सेविंग बनवाते हैं जहा का नई एक ही ब्लेड का इस्तमाल कई लोगों पर कर डालता है । तो अकिन मानिए hib का बीमारी आप तक भी पहुंच सकता है अगर आपका ना ही किसी ऐसे व्यक्ति का सेविंग करे जो पहले से hib से संक्रमित हो और सेविंग करते वक्त उसके चेहरे पर कट लग जाए तो उनका संक्रमित खून उस ब्लड में लग जाएगा ।उसके बाद उसी ब्लेड से आपके नई आपको सेविंग करते है और कही आपके चेहरे पे काट लग जाए तो उसका खून आपके खून के संपर्क आ जायेगा और आप hib संक्रमित हो सकते हैं ।
वही इस वायरस का ट्रांजैक्शन कुछ खास बॉडी
Blood / semen /pre seminal fluid / rectal fluid/ breast milk /
Hib संक्रमित लेडिस के ब्रेस्ट मिल्क दूसरे के शरीर में पहुंच सकता है ।
यानी की संक्रमित मां दूध के जरिए बच्चे को भी hib संक्रमित कर सकती है
वहीं ए वायरस एक सिरिंच की वजह से भी फेल सकता है । एक ही सिरींच का इस्तमाल अगर बार बार क्या जाए तो इससे भी व्यक्ति hib वायरस से संक्रमित हो सकता है।।
हो सकता है की एक सुई का इस्तमाल ऐसे व्यक्ति पर किया गया हो जो पहले से ही hib संक्रमित मे हो और उसके बाद यो सुई का इस्तमाल किसी स्वस्थ व्यक्ति पर किया जाए तो यो स्वस्थ व्यक्ति hib संक्रमित हो सकता है।
।
इसीलिए आज के समय में सिरीच का इस्तेमाल एक ही बार किया जाता है।।
अब तक आप सब समझ गए होंगे कि hib का वायरस किस तरह फैलता है
। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है की आखिर इससे बचा कैसे जाएं ।
अगर आप इस बीमारी से बचना चाहते हैं तो सबसे पहले आप या सुरक्षित शारीरिक संबंध बनाना तुरंत बंद करे
।
ऐसे किसी व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध ना बनाएं जिसे आप नही जानते है क्योंकि हो सकता है कि वह व्यक्ति पहले से ही hib संक्रमित हो।। जितना हो सके पार्टनर से जायदा किसी और के साथ शारीरिक संबंध ना बनाएं ।। एक ही पाटनर रखें क्यूंकि जायदा लोग के साथ शारीरिक संबंध बनाने से ए virus बहुत तेजी से फैल सकता है ।।
सेविंग करवाते वक्त इस बात का खास कार ध्यान रखें कि आपका नाई बिल्कुल नए ब्लेड के साथ स्टरलाइजे इंस्ट्रूमेंट के साथ आपके सेविंग करें नहीं तो आप सेविंग बनवाई ए ही नहीं
इंजेक्शन लगाते समय इस बात का विशेष करके ध्यान रखें कि इंजेक्शन बिल्कुल नया हो उसे पहली बार इस्तेमाल किया जाए अगर आपको थोड़ा सा भी संदेह होता है की इंजेक्शन का इस्तेमाल पहले भी हो चुका है तो उस इंजेक्शन को लगवाने साफ मना कर दीजिए
अगर आपको कभी भी खून की जरूरत पड़े तो इस बात का ध्यान रखें कि जो खून आपको चढ़ाया जा रहा है वह पूरी तरीके से सुरक्षित हो । अगर आप इन सब बातों का ध्यान रखोगे तो इस बीमारी से दूर रह पाएंगे।।
अगर आप हाल में ही किसी ऐसे व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाया हो जिससे आपको लगता है कि आप hib संक्रमित हो गए हो ।तो आपको बता दे की इसका डडनोस करने के लिए तीन तरह का टेस्ट किए जाते है
सबसे पहले टेस्ट होता है निक्लुक एसे टेस्ट ।इसके जरिए देखा जाता है की कही व्यक्ति के खून में hib ka वायरस तो नही क्योंकी टेस्ट काफी महंगा होता है इसलिए रूटीन चेकप मै बेहद इस्तमाल किया जाता हैं।
इसके आलावा hib वायरस को डिकोडेट करने के लिए दूसरा टेस्ट क्या जाता है एंटीजेंट या एंटिबॉय बॉडी टेस्ट
इसमें hib ke संपर्क में आने वाले व्यक्ति की खून में जांच की जाती है और देखा जाता है कि कहीं इसके खून में hib antobody तो नही है इस्तेस्ट के जरिए hib एंटीजेन का उसके शरीर में अचानक पता लगाया जाता है
वही तीसरा टेस्ट होता है एंटीबॉडी टेस्ट ए टेस्ट ब्लड या फिर मुंह के सलाई लिक्विट में hib एंटीबॉडी को पता लागने के लिए क्या जाता है ।
हालांकि शुरुआत में hib मरीज में किसी भी तरह के कोइ लक्षण नही दिखते है लेकिन मैं धीर धोर
उनके शरीर में बदलाव आने लगते हैं
लगातार थकान महसूस होने लगता है
वजन बहुत तेजी से कम होने लगता है
जोड़ों में हमेशा दर्द और सूजन बने रहते हैं
सिर में दर्द रहता है
मांस पेशियों में बहुत ज्यादा खिंचाव महसूस होता है
अगर आप भी कुछ ऐसा महसूस कर रहे हैं तो तुरंत ही इसकी जांच करवा लीजिए
हालांकि अभी तक इस बीमारी का कोई भी इसका इलाज नहीं है लेकिन कुछ दवाइयां हैं जिनके मदद से इस वायरस को लंबे समय के लिए इनएक्टिवेटक्या जा सकता है यानी की मरीज को लंबे समय के लिए रखा जा सकत है
इस बीमारी को लेकर कई लोगों के मन में यह अफवाह है कई लोगों का यह मानना है कि एड्स का वायरस किस भी संक्रमित व्यक्ति से हांथ मिलने से आ गले लगने से एक थाली में एक साथ बैठ कर खाना खाने से भी फेल सकता है।
लेकिन असलियत में ऐसा कुछ भी नहीं है आप अब तक समझ गाएं होंगे कि hib वायरस जायदा तर संक्रमित व्यक्ति को खून के संपर्क में आने की वजह से ट्रासमेट होता है
या फिर आप किसी ऐसे व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाते हैं जो पहले से ही hib संक्रमित हो तो पूरे चांससे है की ए वायरस आपके शरीर में पहुंच जाएगा
इसीलिए दोस्तों उपर देवे बातों का खास करके ध्यान रखें। अगर आप इस बीमारी से बचना चाहते हैं जितना हो सके अपने आप को सुरक्षित रखिए
ए एक ऐसी बीमारी है जो इसका अभी तक कोई इलाज नहीं बाना है
दोस्तों इस पोस्ट को खत्म करने से पहले आप सब लोग इस पोस्ट को जायदा से जायदा शेयर करे
ताकि जिन लोग सरीरक संबंध बनाते हैं दूसरे के साथ वह वही से रुक जाएं और आप अपने भविष्य को सुरक्षित रखे है
जय हिन्द
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धन्यवाद एक कदम स्वच्छता की ओर स्वच्छ भारत अभियान
